देशभर में हड़ताल का असर: मज़दूर-किसान साथ आए, उत्पादन और सेवाएं ठप
CITU, किसान संगठनों और खेत मज़दूर यूनियनों ने 12 फरवरी 2026 की देशव्यापी आम हड़ताल को ऐतिहासिक बताया है। उनके अनुसार करोड़ों मज़दूर, किसान और कृषि मज़दूर सड़कों पर उतरे। खनन, बिजली, पेट्रोलियम, बैंक, बीमा, परिवहन, उद्योग और स्कीम वर्करों की व्यापक भागीदारी से कई राज्यों में बंद जैसा माहौल रहा। लेबर कोड और जनविरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ यह एक मजबूत, एकजुट और निर्णायक संदेश है। देखिए Newsclick की ख़ास रिपोर्ट।
CITU, किसान संगठनों और खेत मज़दूर यूनियनों ने 12 फरवरी 2026 की देशव्यापी आम हड़ताल को ऐतिहासिक बताया है। उनके अनुसार करोड़ों मज़दूर, किसान और कृषि मज़दूर सड़कों पर उतरे। खनन, बिजली, पेट्रोलियम, बैंक, बीमा, परिवहन, उद्योग और स्कीम वर्करों की व्यापक भागीदारी से कई राज्यों में बंद जैसा माहौल रहा। लेबर कोड और जनविरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ यह एक मजबूत, एकजुट और निर्णायक संदेश है। देखिए Newsclick की ख़ास रिपोर्ट।
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