तिरछी नज़र: लीक करना हमारी नेशनल पॉलिसी है
जब से पता चला है कि नीट में इस बार चीट हो गई तब से मन बेचैन है। पता नहीं क्यों, इन सरकार जी के कार्यकाल में इतनी ज्यादा लीक क्यों होती है। पर फिर शिक्षा मंत्री जी ने बड़े गर्व से बताया कि नीट के दुबारा एग्जाम की सरकार जी स्वयं देखभाल करेंगे, तब जा कर मन को सकून आया। सकून आया कि शिक्षा मंत्री जी ने स्वयं माना कि वे निकम्मे हैं। वे इस काम को करवाने में अक्षम हैं। इसलिए यह काम अब ख़ुद सरकार जी करवाएंगे।
और हाँ, यह भी बताया कि इस काम में वायु सेना भी सरकार जी की मदद करेगी। मतलब कि सेना के अलावा सरकार के बाकी सारे डिपार्टमेंट इतने नाकारा हैं कि प्रश्न पत्र परीक्षा केंद्र तक बिना लीक हुए नहीं पहुंचा सकते हैं। जैसे प्रश्न पत्र, प्रश्न पत्र नहीं, कोई मिसाइल हो गए हों, दुश्मन देश पर डालने वाला कोई बम हो गये हों, जिसे वायु सेना के विमान ही पहुंचाएंगे।
केवल शिक्षा मंत्री नहीं, देश के सारे मंत्री निकम्मे हैं। सारे के सारे काम सरकार जी को खुद ही करने पड़ते हैं। कोई मंत्री किसी काम का नहीं है। बस सब सरकारी तनख्वाह और सरकारी आवास के लिए मंत्री बने हुए हैं। और हाँ, जनता के पैसे से सुरक्षा और अन्य सुविधाएं पाने के लिए भी। अन्यथा, कोई भी मंत्री किसी काम का नहीं है।
किसी सड़क का उद्घाटन करना हो तो सड़क मंत्री नहीं, सरकार जी करते हैं। रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखानी हो तो रेल मंत्री नहीं, सरकार जी दिखाते हैं। किसी हवाई अड्डे के भूमि पूजन से लेकर उद्घाटन तक, सब सरकार जी करते है, वायु उड़यन मंत्री तो सिर्फ कैंची ले कर ही खड़े रहते हैं कि फीता तो सरकार जी ही काटेंगे। मुझे नहीं लगता कि किसी और देश के सरकार जी या फिर हमारे देश के इनसे पहले वाले सरकारजियों में के कोई भी सरकार जी इतने व्यस्त रहे हों कि सड़कों और पुलों का उद्घाटन तक करते रहे हों। और अब सरकार जी ही परीक्षा भी दिलवाएंगे। अभी तो मेडिकल में भर्ती की परीक्षा ही दिलवा रहे हैं, बाद में फिर कभी प्रेप और केजी में भर्ती की परीक्षा भी दिलवाएंगे।
सरकार जी का इससे पहले परीक्षा के नाम पर एक ही एक्सपीरियंस है। वह है, 'परीक्षा पर चर्चा' का। सरकार जी हर साल बोर्ड की परीक्षा से पहले भावी मतदाताओं को परीक्षा में पास होने के गुण समझाते हैं। सरकार जी उस काम को भी उसी तरह लेते हैं जैसे बाकी हर काम को लेते हैं। सरकार जी कुछ भी करें, निगाहें उनकी चुनावों पर ही रहती हैं। अब नीट की परीक्षा करवाएंगे तो उससे पहले नीट के परीक्षार्थियों को संबोधित करेंगे। उनमें से लगभग सभी अगले चुनाव में 'फर्स्ट टाइम वोटर' जो होंगे।
सरकार जी का संबोधन कुछ इस तरह का होगा-
मेरे प्यारे फर्स्ट टाइम वोटर्स,
आपको पता होगा ही कि नीट का परीक्षा पत्र लीक हो गया है। इसकी वजह से हमें नीट की परीक्षा दूसरी बार करवानी पड़ रही है। चिंता न करें, दूसरी बार भी लीक हो गया तो तीसरी बार करवा लेंगे। अगर लीकेज़ नहीं हो तो किसी काम में मजा नहीं आता है। कांग्रेस के जमाने में लीक कम होता था और अंग्रेजों के जमाने में उससे भी कम। इसीलिए हमें अंग्रेजों को देश से भगाना पड़ा और कांग्रेस को सरकार से हटाना पड़ा। अंग्रेजों के जमाने के हवाड़ा ब्रिज और दिल्ली का लोहे का पुल अभी तक खड़े हैं और काम कर रहे हैं। पर हम ऐसे पुल नहीं बनवाते हैं जो इतना लम्बा चलें और अगली पीढ़ियों से रोजगार छीनें। हम तो ऐसे पुल बनवाते हैं जो लीक की वजह से कुछ दिन या महीने ही चलें और लोगों के लिए रोजगार के अवसर बार बार प्रदान करते रहें।
सड़कें भी हमारी ऐसी ही होती हैं। पहली बारिश भी नहीं झेल पाती हैं। ऐसा लीकेज की वजह से ही होता है। बारिश के समय सड़क से पानी बह कर साइड में नहीं जाता है बल्कि नीचे की ओर लीक होता रहता है। इससे सड़क में या तो क्रैक पड़ जाते हैं, या फिर जगह जगह से उखड़ जाती है। आप खुद सोचो नई बनी सड़क की जल्दी ही मरम्मत करनी पड़ जाये तो कितना रोजगार पैदा होगा।
प्यारे बच्चों, लीक करना हमारी नेशनल पॉलिसी है। इस पॉलिसी का हमने हर समय ध्यान रखा है। इससे कोई नहीं बचा है। न राम मंदिर और न ही सेंट्रल विस्टा। दोनों ही पहली वर्षा नहीं झेल पाए। दोनों की छतें लीक करने लगीं। तो बच्चों, लीक से घबराना नहीं है। इसका स्वागत करना है।
कुछ बच्चे नीट का पर्चा लीक होने से घबरा गए। उन्हें लग रहा है कि उनका साल बर्बाद हो गया। मुझे बताया गया है कि कुछ बच्चों ने तो घबरा कर आत्महत्या तक कर ली। जीवन में हर एक कठिनाई का हँस कर सामना करना चाहिए। जो जरा सी लीक से घबरा गए वो आगे जीवन की बाकी कठिनाईयां कैसे झेलेंगे। और मैं हूँ ना, जीवन में कठिनाईयां तो आएंगी ही। और जीवन में सफल वही होते हैं जो कठिनाइयों को हँस कर झेलते हैं।
बच्चों, नीट के एग्जाम का पर्चा लीक होने से आप घबराएं नहीं। आप इसको सरलता से लें। इसमें भी पॉजिटिविटी ढूंढे। सोचें कि यह तो मुफ्त में ही मॉक टेस्ट हो गया। आप लोग फीस दे दे कर कई कई मॉक टेस्ट करते हो और यह फ्री में ही मॉक टेस्ट हो गया। है ना कितनी मजेदार बात।
यह लीक की बात देश में पहली बार नहीं हो रही है। प्रश्न पत्र पहले भी लीक होते रहते हैं। हर एग्जाम के लीक होते हैं। और इस बार तो हम बच्चों की परीक्षा कई तरीकों से ले रहे हैं। नीट तो लीक हुआ ही, सीबीएसई के परिणाम में अभूतपूर्व गड़बड़ी हुई। और सीयूईटी तो मैंने जब से शुरू किया है, शायद ही कभी ढंग से हुआ हो। यह मेरा जेन ज़ी को मजबूत बनाने का तरीका है। धैर्यवान बनाने का तरीका है।
प्यारे बच्चों, अब हम दोबारा नीट की परीक्षा लेंगे। पर घबराना मत। वह फिर लीक हो सकती है। हो सकता है आपको तीसरी बार परीक्षा देनी पड़े। क्योंकि मोदी है तो मुमकिन है।
(लेखक पेशे से चिकित्सक हैं।)
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