“We are all thinking of you”: उमर ख़ालिद के लिए अमेरिका से आई आवाज़
“We are all thinking of you” उमर ख़ालिद, हम सब आपके बारे में सोच रहे हैं। यह शब्द हैं न्यूयार्क सिटी के नए मेयर ज़ोहरान ममदानी के।
ज़ोहरान ममदानी ने नए साल में पहली जनवरी को अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क के 111वें मेयर के रूप में शपथ ली। वह अमेरिकी मतदाताओं के बीच 'धर्मनिरपेक्ष पहचान' बनाने वाले नेता के तौर पर उभरे हैं। वह न्यूयॉर्क शहर के पहले मुस्लिम मेयर और बीते 100 साल में सबसे कम उम्र के मेयर बनकर इतिहास रच चुके हैं।
ज़ोहरान ममदानी ने उमर ख़ालिद को अपने हाथ से लिखा एक नोट भेजा है। ममदानी के शपथ लेने के बाद गुरुवार, 2 जनवरी को उमर ख़ालिद की पार्टनर बनज्योत्सना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर इस नोट को शेयर किया है.
नोट में लिखा है–
"Dear Umar, I think of your words on bitterness often, and the importance of not letting it consume oneself. It was a pleasure to meet your parents. We are all thinking of you."
''प्रिय उमर, मैं अक्सर कड़वाहट पर कही आपकी बातों और इस बात के महत्व के बारे में सोचता हूं कि उसे अपने भीतर हावी न होने दिया जाए. आपके माता-पिता से मिलकर मुझे ख़ुशी हुई. हम सब आपके बारे में सोच रहे हैं।"
Zohran Mamdani writes to Umar Khalid.
December 2025. #FreeUmarKhalid#FreeAllPoliticalPrisoners pic.twitter.com/QTYe06cRp5— banojyotsna ... (@banojyotsna) January 1, 2026
आपको मालूम है कि 2020 की दिल्ली हिंसा की साज़िश के मामले में उमर ख़ालिद पिछले पांच साल से तिहाड़ जेल में बंद हैं।
बनज्योत्सना लाहिड़ी ने 'हिन्दुस्तान टाइम्स' से बात करते हुए कहा कि हाथ से लिखे इस ने 11,700 किलोमीटर की दूरी के बावजूद जेल में बंद उमर ख़ालिद और न्यूयॉर्क सिटी के भारतीय मूल के मेयर ज़ोहरान ममदानी के बीच एक भावनात्मक रिश्ता जोड़ दिया है।
उन्होंने बताया, "उमर के माता-पिता दिसंबर में अमेरिका में ममदानी और कुछ अन्य लोगों से मिले थे। उसी दौरान ममदानी ने यह नोट लिखा।"
जेएनयू के छात्र रहे उमर ख़ालिद की पिछले पांच वर्षों में ज़मानत याचिकाएं कई बार ख़ारिज की जा चुकी हैं। दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि दिसंबर में उन्हें अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए कुछ दिन की अनुमति मिली थी।
ममदानी इससे पहले भी सार्वजनिक रूप से ख़ालिद के समर्थन में बोल चुके हैं। जून 2023 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले न्यूयॉर्क में आयोजित 'हाउडी डेमोक्रेसी' कार्यक्रम में ममदानी ने ख़ालिद की जेल में लिखी गई रचनाओं के अंश पढ़े थे।
ममदानी के अलावा अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सांसदों ने भी उमर ख़ालिद से एकजुटता दिखाई है। अमेरिकी सांसद जिम मैकगवर्न और जेमी रस्किन के नेतृत्व में भी उमर ख़ालिद के समर्थन में अपील की गई है।
Earlier this month, I met with the parents of Umar Khalid, who has been jailed in India for over 5 years without trial. @RepRaskin & I are leading our colleagues to urge that he be granted bail & a fair, timely trial in accordance with international law. pic.twitter.com/tBIbG1aOwc
— Rep. Jim McGovern (@RepMcGovern) December 30, 2025
अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा को लिखे पत्र में इन सांसदों ने भारतीय अधिकारियों से ख़ालिद को ज़मानत देने की अपील की गई है। सांसदों ने कहा है कि ट्रायल शुरू हुए बिना ख़ालिद की लगातार हिरासत अंतरराष्ट्रीय क़ानून के मानदंडों का उल्लंघन है। मैकगवर्न ने इस चिट्ठी को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर साझा किया है।
अमेरिकी सांसद ने यह भी बताया कि वह इस महीने की शुरुआत में अमेरिका में ख़ालिद के माता-पिता से मिले थे।
हालांकि इस पत्र को बहुत लोग भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप मान सकते हैं। लेकिन मानवाधिकारों को लेकर यह सरहदें काम नहीं करतीं। भारत में भी लोग दिल्ली से लेकर ढाका तक और ग़ज़ा तक की चिंता करते हैं, लिखते हैं, बोलते हैं।
आपको मालूम है कि ज़ोहरान ममदानी का जन्म साल 1991 में युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ था। वह भारतीय मूल की प्रसिद्ध फिल्मकार मीरा नायर और कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मोहम्मद ममदानी के बेटे हैं। शपथ के बाद एक समारोह में अपने भाषण में उन्होंने कहा ‘कंपाला से दिल्ली तक फैले मेरे परिवार का आभार।’
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