22 जनवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता में अरावली विरासत जन अभियान ने अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए 24 जनवरी से गुजरात से दिल्ली तक 700 किलोमीटर लंबी अरावली संरक्षण जन-पदयात्रा का ऐलान किया। इस प्रेस वार्ता में पर्यावरणविदों, किसान संगठनों, आदिवासी प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने खनन, वनों की कटाई और सरकार की नीतियों के चलते अरावली क्षेत्र में हो रहे व्यापक विनाश पर गंभीर सवाल उठाए। देखिए न्यूज़क्लिक की खास रिपोर्ट, जिसमें अरावली को बचाने की इस जन पहल के सामाजिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय मायनों को विस्तार से समझा गया है।
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