Skip to main content
xआप एक स्वतंत्र और सवाल पूछने वाले मीडिया के हक़दार हैं। हमें आप जैसे पाठक चाहिए। स्वतंत्र और बेबाक मीडिया का समर्थन करें।

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक 28 पुष्ट मामले: हर्षवर्धन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के 28 मामलों में से एक व्यक्ति दिल्ली से और उसके छह रिश्तेदार आगरा से, एक तेलंगना से जबकि 16 इटली के नागरिक और उनका भारतीय चालक शामिल हैं। इसके अलावा, तीन पुराने मामले केरल के हैं।
harshwardhan

 दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बुधवार को कहा कि देश में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 28 पुष्ट मामले सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि अब सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इससे पहले 12 देशों के यात्रियों की ही स्क्रीनिंग की जा रही थी। हर्षवर्धन ने संवाददाताओं से कहा कि यदि ईरान की सरकार सहायता करने को तैयार होती है तो वहां भी एक जांच केंद्र बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से स्क्रीनिंग के बाद ईरान से भारत के नागरिकों को वापस लाने में मदद मिलेगी।

हर्षवर्धन ने कहा कि उन्होंने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और नगर निकाय के अधिकारियों से मुलाकात कर उनसे भी शहर के अस्पतालों में पृथक वार्ड की सुविधाएं तैयार करने की अपील की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के 28 मामलों में से एक व्यक्ति दिल्ली से और उसके छह रिश्तेदार आगरा से, एक तेलंगना से जबकि 16 इटली के नागरिक और उनका भारतीय चालक शामिल हैं। इसके अलावा, तीन पुराने मामले केरल के हैं।

उन्होंने बताया कि अब तक हवाई अड्डों पर 5,89,000 लोगों की जबकि सीमाओं पर दस लाख से भी ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।

नोएडा में छह लोगों के नमूने की जांच नेगेटिव पाई गई

नोएडा में कोरोना वायरस के संदेह में तीन बच्चों समेत जिन छह लोगों के नमूने लिए गए थे, उनकी जांच नेगेटिव पाई गई है। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। हालांकि सभी छह लोगों को अगले 14 दिन के लिए अपने-अपने घर में अलग थलग रहने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि अगर उनमें कोविड-19 के लक्षण नजर आते हैं तो उनके नमूनों की फिर से जांच की जाएगी।

नोएडा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को जिन लोगों के नमूने लिए थे उनमें एक दंपति और 12 वर्ष का उनका बेटा, एक महिला और उसके दो बच्चे शामिल थे। ये छह लोग दिल्ली के एक व्यक्ति द्वारा दी गई पार्टी के दौरान उसके संपर्क में आ गए थे। इस व्यक्ति में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी।

जिला मजिस्ट्रेट बीएन सिंह ने एक बयान में कहा, “कोरोना वायरस मामले में, नोएडा के छह लोगों के नमूने जांच में नेगेटिव पाए गए लेकिन उन्हें अगले 14 दिनों के लिए अपने घर में अलग-थलग रहना होगा और लक्षण नजर आने पर उनकी फिर से जांच की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। साथ ही कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है।  सिंह ने कहा, “प्रशासन ने स्कूल बंद करने के संबंध में कोई आदेश नहीं दिया है।” इससे एक दिन पहले दो स्कूलों ने वायरस के डर के चलते कुछ दिनों के लिए स्कूल बंद करने के आदेश दिए और नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में भी अन्य स्कूलों के बंद रहने की खबरें आईं थी।

नोएडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) अनुराग भार्गव ने कहा कि किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं क्योंकि जिन लोगों में वायरस का संदेह था उनके नमूने की जांच नेगेटिव पाई गई है। सीएमओ ने कहा, “एहतियात के तौर पर, लोगों को अपने हाथ नियमित तौर पर धोने चाहिए और गंदे हाथों से अपनी आंखें, मुंह या नाक को नहीं छूना चाहिए। अगर किसी को खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ है (कोरोना वायरस के तीन लक्षण) तो उन्हें एक बार चिकित्सीय सलाह जरूर लेनी चाहिए।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को देश में कोरोना वायरस के दो नये मामलों की जानकारी दी थी जिनमें से एक मामला दिल्ली का था। इसके बाद मंगलवार को नोएडा के दो स्कूलों ने परिजन को भेजे गए संदेश में स्कूल बंद रखने की जानकारी दी। संक्रमित व्यक्ति का बेटा जिस स्कूल में प्राइमरी कक्षा का छात्र है, उसने कहा कि स्कूल चार से छह मार्च तक बंद रहेगा। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने बाद में स्कूल परिसर की अच्छी तरह से साफ-सफाई की। अधिकारियों ने बताया कि अन्य स्कूल ने नौ मार्च तक सभी कक्षाओं को बंद रखा है।

आगरा के संदिग्ध मरीजों का रिश्तेदार है दिल्ली का संक्रमित व्यक्ति

दिल्ली में करोना वायरस से संक्रमित पाए गए व्यक्ति और आगरा के छह संदिग्ध मरीज आपस में रिश्तेदार हैं। आगरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा मुकेश वत्स ने बुधवार को बताया कि ''दिल्ली में करोना वायरस का रोगी और दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती रोगी रिश्ते में साला-जीजा हैं। हमने परीक्षण के लिये 13 नमूने लिये थे जो एक संयुक्त परिवार के थे। इनमें दो भाई, पत्नियां, बच्चे और दोनों भाईयों के माता-पिता शामिल हैं। परीक्षण के लिये गये इन 13 नमूनों में से छह में कारोना वायरस के कुछ लक्षण पाए गए हैं और उन्हें इलाज के लिये दिल्ली भेजा गया है तथा बाकी लोगों को घर में अलग-थलग रखा गया है।

इस बीच उप्र के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने पत्रकारों को बताया, 'सफदरजंग अस्पताल में भर्ती आगरा के छह संदिग्ध रोगियों के नमूने परीक्षण के लिये पुणे की प्रयोगशाला में भेजे गये हैं, जहां से अभी तक रिपोर्ट नही आयी है। बाकी नमूने नेगेटिव पाये गये, नोएडा के स्कूली छात्र की जांच रिपोर्ट निगेटिव आयी है। आगरा के बाकी लोगों के नमूनों की जांच भी नेगेटिव पाई गई है।”

उन्होंने कहा कि आगरा में स्वास्थ्य विभाग की 25 टीमें बनाई गयी हैं। डॉक्टरों की यह टीमें उन इलाकों में लोगों को जागरूक कर रही है जहां संदिग्ध मरीज रहते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों को परेशान न होने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आगरा में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों का परीक्षण कर रही है इसलिये संयम बरतें।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

अपने टेलीग्राम ऐप पर जनवादी नज़रिये से ताज़ा ख़बरें, समसामयिक मामलों की चर्चा और विश्लेषण, प्रतिरोध, आंदोलन और अन्य विश्लेषणात्मक वीडियो प्राप्त करें। न्यूज़क्लिक के टेलीग्राम चैनल की सदस्यता लें और हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर न्यूज़ स्टोरी का रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त करें।

टेलीग्राम पर न्यूज़क्लिक को सब्सक्राइब करें

Latest