Skip to main content
xआप एक स्वतंत्र और सवाल पूछने वाले मीडिया के हक़दार हैं। हमें आप जैसे पाठक चाहिए। स्वतंत्र और बेबाक मीडिया का समर्थन करें।

अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ़्ते का युद्धविराम: अब आगे क्या?

आने वाले कुछ दिन न सिर्फ़ ईरान और अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
trump

जब पूरी दुनिया मंगलवार, 7 अप्रैल की रात 8 बजे का बेचैनी से इंतज़ार कर रही थी (वह समय जब व्हाइट हाउस ने बड़े हमले की चेतावनी दी थी), तभी अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने अचानक एक घोषणा कर दी।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा—“मैं ईरान पर बमबारी और हमले को दो हफ्तों के लिए रोकने पर सहमत हूं। यह दोनों पक्षों का युद्धविराम होगा।”

उन्होंने आगे कहा, “हमें ईरान की ओर से 10 बिंदुओं वाला प्रस्ताव मिला है, और हमें लगता है कि बातचीत के लिए यह एक ठीक आधार हो सकता है।”

यह घोषणा ट्रंप की तय की गई 8 बजे की समय-सीमा से सिर्फ एक घंटे पहले आई। इससे पहले उन्होंने कई कड़े और आक्रामक बयान दिए थे, जिन्हें बड़े पैमाने पर आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी के रूप में देखा जा रहा था।

अमेरिका और इज़राइल के हमलों में पहले ही 3,000 से ज्यादा ईरानी मारे जा चुके थे और अस्पताल, स्कूल, पुल जैसी ज़रूरी नागरिक सुविधाओं को भारी नुकसान हुआ था।

अमेरिका और ईरान के बीच इस समझौते में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने मध्यस्थता की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि “ईरान और अमेरिका, अपने सहयोगियों के साथ, लेबनान समेत हर जगह तुरंत युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं, जो तुरंत प्रभाव से लागू होगा।”

इस घोषणा से यह भी साफ हो गया कि लेबनान में युद्धविराम को बातचीत का हिस्सा बनाया गया है—जो पिछले कई हफ्तों से ईरान की मुख्य मांग थी। इस खबर से इज़राइल नाराज़ हो सकता है, क्योंकि फिलहाल लेबनान में उसके विस्तार की योजना रुक गई है।

अमेरिका की इस घोषणा को ईरान की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि उसने ट्रंप प्रशासन की कड़ी धमकियों के बावजूद अपने 10 सूत्रीय प्रस्ताव से पीछे हटने से इनकार कर दिया।

मंगलवार सुबह ही ट्रंप ने Truth Social पर लिखा था— “अगर रात 8 बजे तक ईरान ने अमेरिका को मंजूर समझौता नहीं किया, तो पूरी सभ्यता आज रात खत्म हो जाएगी।”

दुनिया भर के अमेरिकी सांसदों और विशेषज्ञों ने इस बयान को “बेकाबू” और “नरसंहार की ओर इशारा करने वाला” बताया। आलोचकों का कहना था कि ऐसे बयान आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का संकेत देते हैं, जो जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन हो सकता है।

कुछ लोगों ने यह भी चिंता जताई कि ट्रंप कहीं परमाणु हथियार इस्तेमाल करने का संकेत तो नहीं दे रहे।

ट्रंप पीछे हटे

हालांकि बाद में ट्रंप ने अपना रुख बदल लिया (किसके दबाव में, यह स्पष्ट नहीं है)। उन्होंने अपनी सारी धमकियां वापस ले लीं और तेहरान के साथ दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति बना ली।

अपने बयान में उन्होंने कहा कि अमेरिका ने युद्धविराम इसलिए किया क्योंकि वह “अपने सभी सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है या उनसे आगे निकल चुका है।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान में हो रही तबाही को रोकना इस शर्त पर है कि ईरान तुरंत और सुरक्षित तरीके से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह खोल दे।

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने युद्धविराम को स्वीकार किया, लेकिन हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। उसने कहा कि जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा, लेकिन इसके लिए उन्हें ईरानी सेना से सीधे समन्वय करना होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पहले से बंद मुद्दा नहीं था, इसलिए इसे अमेरिका की उपलब्धि नहीं माना जा सकता।

वहीं दूसरी तरफ, ईरान ने अपनी अधिकांश शर्तें मनवाने में सफलता पाई है, जिसे उसकी परिषद ने “ऐतिहासिक जीत” बताया। हालांकि ईरान ने यह भी कहा कि वह अपने सभी लक्ष्य हासिल होने तक रुकेगा नहीं। उसके बयान में कहा गया—

“ईरान का यह ऐतिहासिक फैसला, पूरे देश के समर्थन से, तब तक संघर्ष जारी रखने का है जब तक उसकी उपलब्धियां पूरी तरह मजबूत नहीं हो जातीं और क्षेत्र में नई सुरक्षा और राजनीतिक व्यवस्था स्थापित नहीं हो जाती, जिसमें ईरान और उसके सहयोगियों की ताकत को मान्यता मिले।”

आगे क्या असर होगा

आने वाले कुछ दिन न सिर्फ ईरान और अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। इस युद्ध का वैश्विक असर पड़ा है—कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गईं, दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में ईंधन की कमी के कारण राशनिंग लागू करनी पड़ी, और दुनिया भर में रोजमर्रा की चीज़ों के दाम बढ़ गए।

अब ट्रंप को अपने देश के अंदर भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि कई विपक्षी सांसदों ने उन पर अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए युद्ध शुरू करने के आरोप में महाभियोग (impeachment) चलाने की बात कही है।

साभार: Peoples Dispatch

मूल रूप से अंग्रेज़ी में प्रकाशित यह ख़बर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें–

Trump Accepts Iran’s 10-pt Proposal; 2-Week Ceasefire For Talks

अपने टेलीग्राम ऐप पर जनवादी नज़रिये से ताज़ा ख़बरें, समसामयिक मामलों की चर्चा और विश्लेषण, प्रतिरोध, आंदोलन और अन्य विश्लेषणात्मक वीडियो प्राप्त करें। न्यूज़क्लिक के टेलीग्राम चैनल की सदस्यता लें और हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर न्यूज़ स्टोरी का रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त करें।

टेलीग्राम पर न्यूज़क्लिक को सब्सक्राइब करें

Latest