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दिल्ली वायु प्रदूषण: अगले आदेश तक बंद रहेंगे स्कूल,कॉलेज

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ की व्यवस्था रविवार तक जारी रहेगी। इसके अलावा बाहर से आने वाले वाहनों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।
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नयी दिल्लीदिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को कहा कि शहर में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर उनकी सरकार ने अगले आदेश तक स्कूल तथा अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रखने और आवश्यक सेवाओं के अलावाबाहर से आने वाले वाहनों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम’ की व्यवस्था रविवार तक जारी रहेगी।

राय ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक के बाद राय ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को मजबूत करने के लिए 1,000 निजी सीएनजी बसों को तैनात किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया बृहस्पतिवार से शुरू की जाएगी।’’

वायु प्रदूषण पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई से पहलेवायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने मंगलवार देर रात निर्देश दिया था कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में स्कूलकॉलेज और शैक्षणिक संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे और केवल ऑनलाइन शिक्षा की अनुमति होगी। आयोग ने निर्देश दिया कि दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में स्थित 11 ताप विद्युत संयंत्रों में से केवल पांच संयंत्र ही 30 नवंबर तक चालू रहेंगे।

केंद्र ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के उपायों का प्रस्ताव रखा

नयी दिल्ली, 17 नवंबर (भाषा) केंद्र ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए आवश्यक सामानों को लाने वाले वाहनों के अलावा सभी ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने, स्कूलों को बंद करने और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के कार्यालयों में 50 प्रतिशत उपस्थिति समेत कई उपायों का बुधवार को उच्चतम न्यायालय में सुझाव दिया।   

केंद्र की दलीलों पर गौर करते हुए उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली और एनसीआर राज्यों को वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए मंगलवार को हुई बैठक में लिए इन फैसलों का पालन करने का निर्देश दिया।      

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की तीन सदस्यीय पीठ ने मामले पर अगली सुनवाई के लिए 24 नवंबर की तारीख तय की। इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि विभिन्न कदम उठाए गए हैं और उन्होंने इस मामले में कोई बहुत कड़ा आदेश नहीं देने का अनुरोध किया।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के मुख्य सचिवों की एक बैठक मंगलवार को हुई।

मेहता ने पीठ को बताया कि केंद्र सरकार के अधिकारियों के लिए घर से काम करने के मुद्दे पर विचार किया गया लेकिन उसके अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कुल वाहन ज्यादा नहीं हैं इसलिए घर से काम करने के बजाय हमने पूलिंग और वाहनों को साझा करने के लिए परामर्श जारी किया है।     

केंद्र ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के कार्यालयों में 50 प्रतिशत उपस्थिति का भी सुझाव दिया।    

प्राधिकारियों ने बताया कि दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बुधवार सुबह वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गयी और रविवार तक इसमें सुधार की संभावना नहीं है।

उच्चतम न्यायालय पर्यावरण कार्यकर्ता आदित्य दुबे और कानून के छात्र अमन बंका की याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिन्होंने छोटे और मध्यम किसानों को पराली हटाने वाली मशीनें निशुल्क उपलबध कराने के निर्देश देने का अनुरोध किया है।

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